जल संकट क्या है ? जल संकट आने से पृथ्वी जीवन पर क्या-क्या नुकसान होने वाला है पूरी जानकारी यहां पढ़ें जल संकट को कैसे रोक सकते हैं।

What is water crisis?

Jal Sankat kya hai Puri jankari Hindi mein : दोस्तों जल संकट एक ऐसी समस्या है जिसके चपेट में हम सभी जीव जंतु और मानव जाति वनस्पति सभी आ जाते हैं परंतु इससे निजात पाना भी हम मनुष्य का ही कर्तव्य और धर्म दोनों बनता है। जल के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है अधिक जानकारी नीचे दिया गया है पूरी जानकारी को ध्यानपूर्वक जरूर पढ़ें। 

जल संकट के उत्पत्ति का कारण क्या है ?

साथियों जल संकट एक ऐसी समस्या हम सभी के बीच में आ गई है, जिसका कारण भी हम सभी मनुष्य हैं। क्योंकि अपने निजी स्वार्थ के चलते हम जंगलों की इस तरह से अंधाधुंध कटाई करने लगते हैं और अपना कमाई का जरिया बना लेते हैं, जिससे हमारा मौसम और भी ज्यादा असंतुलित हो जाता है।

जिस से जिस समय पर बारिश होना, समय पर बारिश नहीं होता है, कि समय पर ठंडा होना चाहिए वो भी असंतुलित हो जाता है । सभी मौसम असंतुलित हो जाता है। इसी सब को रोकने के लिए हम सभी मनुष्य को सजग और समर्पण के साथ बहुत ही ठोस कदम उठाने होंगे। अन्यथा आने वाले दिनों में जल संकट का हम सभी के बीच में बहुत बड़ा समस्या उत्पन्न हो जाएगा।

कक्षा 12 वीं ऑब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर

अंधाधुन वनों की कटाई से जल संकट का बहुत बड़ा कारण हम सबके बीच में उत्पन्न हुआ ?

मनुष्य अपने निजी स्वार्थ के चलते इतने अंधा हो जाता है कि अब भूल जाता है कि जिस चीज को हम आज विनाश कर रहे हैं उसका दोहन कर रहे हैं उस चीज के बिना हम पल भर भी जी नहीं सकते हैं लेकिन यह सब चीज से वाकिफ होते हुए भी हम सभी मनुष्य अपने लाभ कमाने और निजी स्वार्थ के चलते जंगलो और प्राकृतिक संसाधनों का इस तरह से दोहन करते हैं कि वही दोहान कुछ ही समय में हम लोगों पर बुरा असर छोड़ने लगता है। 

जिससे हम सभी जीव जंतुओं के लिए जीवन यापन करना बहुत ही मुश्किल भरा होता है हम सभी को यह सोचना होगा कि सबसे बड़ा निजी स्वार्थ ही नहीं होता है बल्कि सभी जीव-जंतुओं को सुरक्षित रहना ही सबसे बड़ा धर्म और फर्ज है खासकर हम सभी मनुष्यों को इस पर गहन विचार करना होगा और अपने निजी स्वार्थ से परे होकर प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ा अपना योगदान अवश्य देना होगा।

प्रकृति का योगदान जल संकट से बचने के लिए कितना अहम है ?

हम सभी जीव जंतुओं को जब जन्म मिलता है तो हमारे पास प्राकृतिक रूप से हर सुख सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। जिसका हमें पहले से कोई ज्ञात नहीं होता है। जैसे पेड़, पौधे, नदी, जंगल ,पहाड़, झरना यह सब चीजें जीव जंतुओं को रहने के लिए बहुत ही जरूरी होता है।जिसे ना तो हम पैसे से खरीद सकते हैं, और ना ही उसे उत्पन्न कर सकते हैं यह सब चीजें हमें प्रकृति से उपलब्ध होती है। परंतु कुछ समय के बाद जब हमारा निजी स्वार्थ बढ़ता है, तो इन्हीं सब प्राकृतिक चीजों का हम दोहन करना शुरू कर देते हैं, जो कि बहुत ही गलत है और उसका बुरा असर हम सभी जीव जंतुओं के ऊपर पड़ता है और हमारा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। लेकिन एक बात जरूर ध्यान देने होंगे कि इन सब चीजों को बहुत जल्द ही रोकना होगा अन्यथा वह दिन दूर ना कि हम सभी जीव-जंतुओं पर बहुत ही भारी पड़ेगा।

जंगलों का योगदान जल संकट से बचाने में कितना होता है ?

पवन जो होता है वह सभी जीव जंतुओं का प्राणवायु के दाता होता है वन ही है जो जिससे पूरा मौसम संतुलित रहता है।और सही समय पर सभी मौसम का आने में वन का ही बहुत बड़ा योगदान होता है। लेकिन हम सभी मनुष्य अपने कुछ निजी हित के लिए इन्हीं वनों को इस तरह से दोहन कर दिए हैं कि उसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल नजर आ रहा है।लेकिन हम सभी को इस पर जरूर ध्यान देने होंगे और वनरोपण अवश्य करना होगा। हमारे पूर्वज इतने सजग थे पेड़ों और जंगलों के प्रति की कुछ पेड़ो को तो भगवान का रूप मानकर उनकी पूजा करते थे। जिससे हमारे वातावरण बहुत ही संतुलित और स्वस्थ होता था। लेकिन आज के जमाने में अपने निजी हित के चलते इन्हीं वनों को हम पूरी तरह से नष्ट करने पर आतुर हो गए हैं, यही सब कारण है कि जल जैसे संकट हम सभी के बीच में उत्पन्न हो गया है जिसे खत्म करना बहुत ही जरूरी है।

जितने भी प्रकृति का उपहार के रूप में हम सभी को संपदा मिला है उनकी सुरक्षा करना हम सभी का धर्म है ?

हमेशा से हम सभी सुनते आए हैं, और देखे भी हैं कि जो प्राकृतिक चीजें होती है, उनसे बड़ा ना तो कोई दौलत होती है और ना ही कोई संपदा होती है। जिसकी सुरक्षा करना हम सभी मनुष्यों का परम धर्म और कर्तव्य भी होता है। क्योंकि अगर हम जंगल, नदी,पहाड़ और भी जितने भी प्राकृतिक चीजें हैं उनकी सुरक्षा करते हैं, तभी हम सुरक्षित रह सकते हैं। क्योंकि जीवन यापन के लिए इन सब चीजों का रहना बहुत ही आवश्यक होता है अगर ये सब चीजें नहीं रहेगा तो हमें जीवन जीने में परेशानी होगी।वन से ही जल की बारिश होती है, और पहाड़ जो हमारे प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखती है इसीलिए इन सभी चीजों पर हम मनुष्यों को ध्यान देना होगा और प्राकृतिक चीजों का विनाश होने से हम सभी को पुरजोर तरीके से रोकना ही होगा।

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